सिर्फ़ 10 साल नौकरी के बाद कितनी मिलेगी पेंशन? जानिए EPF स्कीम का पूरा कैलकुलेशन!

आजकल नौकरीपेशा लोगों के लिए भविष्य की सुरक्षा बेहद जरूरी हो गई है। रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का साधन न हो तो जिंदगी मुश्किल हो सकती है। ऐसे में अगर आप जानना चाहते हैं कि “पेंशन कर्मचारियों को 10 साल नौकरी के बाद कितनी मिलेगी पेंशन?”, तो यह आर्टिकल आपके लिए बेहद जरूरी है। हम यहां EPF (Employees’ Provident Fund) और EPS (Employees’ Pension Scheme) के जरिए मिलने वाली पेंशन का पूरा कैलकुलेशन बताएंगे, ताकि आप पहले से योजना बना सकें।


🔍 EPF और EPS क्या है?

🧾 EPF (कर्मचारी भविष्य निधि)

EPF एक सामाजिक सुरक्षा योजना है जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों योगदान देते हैं। कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12% EPF में जाता है और नियोक्ता का भी 12% योगदान होता है। इसमें से 8.33% EPS (Employees’ Pension Scheme) में और बाकी EPF खाते में जाता है।

🧾 EPS (Employees’ Pension Scheme)

EPS का उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद पेंशन प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत, यदि कोई कर्मचारी कम से कम 10 साल तक काम करता है, तो वह पेंशन का पात्र बनता है, भले ही उसने 58 की उम्र पूरी की हो या नहीं।


✅ EPS की पात्रता (Eligibility)

EPS से पेंशन पाने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी होनी चाहिए:

  1. कर्मचारी की उम्र 58 साल होनी चाहिए (या 50 साल पर कम पेंशन लेने का विकल्प)
  2. कम से कम 10 साल की सेवा अनिवार्य
  3. कर्मचारी EPFO द्वारा मान्यता प्राप्त कंपनी में काम कर रहा हो
  4. मासिक वेतन EPS योगदान के समय अधिकतम ₹15,000 तक मान्य होता है (2024 के अनुसार)

📊 EPF और EPS कैलकुलेशन कैसे होता है?

EPS में योगदान कैसे होता है?

यदि आपकी बेसिक सैलरी ₹15,000 है तो:

  • नियोक्ता का EPS योगदान = ₹15,000 का 8.33% = ₹1,249.5 प्रति माह

वार्षिक रूप से: ₹1,249.5 × 12 = ₹14,994

10 साल में कुल EPS योगदान = ₹14,994 × 10 = ₹1,49,940

लेकिन यह रकम आपको पेंशन के रूप में नहीं मिलती, बल्कि इसके आधार पर मासिक पेंशन निर्धारित होती है।


📌 पेंशन कैलकुलेशन फॉर्मूला (Pension Formula)

EPS के अंतर्गत पेंशन निकालने का फॉर्मूला:

(पेंशन योग्य सैलरी × सेवा वर्ष) ÷ 70

  • पेंशन योग्य सैलरी: अधिकतम ₹15,000 (ज्यादातर मामलों में यही मान ली जाती है)
  • सेवा वर्ष: जितने साल नौकरी की (यहां 10 साल)

👉 यानी:
₹15,000 × 10 ÷ 70 = ₹2,142.85 प्रति माह

तो 10 साल नौकरी के बाद EPF की EPS स्कीम के तहत मिलने वाली पेंशन लगभग ₹2,142 प्रति माह होगी।


📅 अगर आप 20 या 30 साल काम करते हैं तो कितनी मिलेगी पेंशन?

सेवा अवधि (साल)मासिक पेंशन (₹15,000 बेसिक पर)
10 साल₹2,142 प्रति माह
20 साल₹4,285 प्रति माह
30 साल₹6,428 प्रति माह
35 साल₹7,500 के आस-पास

Note: वास्तविक पेंशन कर्मचारी की सेवा, बेसिक वेतन और EPS के नियमों के अनुसार बदल सकती है।


📌 कुछ महत्वपूर्ण बातें

  1. EPS पेंशन टैक्स फ्री नहीं है – यह टैक्सेबल इनकम में गिना जाता है।
  2. आप EPFO पोर्टल से अपने EPS की जानकारी देख सकते हैं।
  3. EPS स्कीम में एक बार पेंशन शुरू हो जाए तो यह जीवनभर मिलती है।
  4. मृत्यु के बाद परिवार को फैमिली पेंशन मिलती है (widow + child pension)

📲 ऑनलाइन EPF पेंशन स्टेटस कैसे देखें?

स्टेप 1: EPFO पोर्टल पर जाएं
स्टेप 2: “Pensioners’ Portal” पर क्लिक करें
स्टेप 3: PPO नंबर, बैंक खाता नंबर या आधार नंबर डालें
स्टेप 4: सबमिट पर क्लिक करें और स्टेटस देखें


🧮 EPF Calculator से अनुमान कैसे लगाएं?

EPFO वेबसाइट पर उपलब्ध EPS Calculator की मदद से आप अपनी अनुमानित पेंशन निकाल सकते हैं:

  • EPF Calculator लिंक
  • सैलरी, सेवा वर्ष और अन्य डिटेल भरें
  • अनुमानित पेंशन राशि स्क्रीन पर आ जाएगी

👩‍👦 EPS Family Pension

यदि कर्मचारी की मृत्यु नौकरी के दौरान या पेंशन प्राप्त करते समय होती है, तो परिवार को फैमिली पेंशन मिलती है। यह राशि मूल पेंशन का 50% तक हो सकती है, न्यूनतम ₹1,000 प्रति माह।


📌 10 साल से कम नौकरी की स्थिति में क्या मिलेगा?

यदि आपने 10 साल से कम नौकरी की है, तो EPS के तहत आपको पेंशन नहीं मिलेगी, लेकिन आप “Scheme Certificate” ले सकते हैं या EPFO से Withdrawal Benefit क्लेम कर सकते हैं। इसमें EPFO आपके EPS योगदान का आंशिक हिस्सा वापस कर देता है।


🤔 क्या EPS पेंशन पर्याप्त है?

EPS पेंशन का उद्देश्य सिर्फ एक बेसिक सुरक्षा देना है। यह आपकी पूरी जरूरतें नहीं पूरी करता। इसलिए एक्स्ट्रा सेविंग्स, NPS (National Pension Scheme), और अन्य निवेश जरूरी हैं।


📝 निष्कर्ष: क्या 10 साल नौकरी के बाद पेंशन लेना फायदेमंद है?

हां, 10 साल की सेवा पूरी करने के बाद पेंशन की पात्रता एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अगर आपकी सैलरी ₹15,000 थी, तो आपको लगभग ₹2,142 प्रति माह पेंशन मिल सकती है। हालांकि यह रकम बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन यह रिटायरमेंट के समय मददगार हो सकती है। अगर आप जल्दी योजना बनाएं और EPS के साथ अन्य स्कीम में निवेश करें, तो भविष्य को और भी सुरक्षित बना सकते हैं।


📢 आपके लिए सुझाव

  • अगर आप किसी निजी संस्था में कार्यरत हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपका EPS योगदान हो रहा है या नहीं।
  • UAN पोर्टल से समय-समय पर EPF स्टेटमेंट जांचें।
  • Scheme Certificate जरूर बनवाएं यदि आप 10 साल से कम नौकरी छोड़ रहे हैं।

🔔 वायरल CTA (Call to Action):
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